दिशाहीन बजट में थोथी घोषणाओं का अंबार : सिंघवी
आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर पेश किया बजट
छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने सरकार द्वारा बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट को निराशाजनक बताते हुए इसे पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि बजट नीति के लिए नहीं, बल्कि राजनीति के लिए है। पिछले तीन वर्षो के बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, वे भी अभी तक पूरी नहीं हुई है। कांग्रेस जो वादे करके सत्ता में आई उनके बारे में बजट में कोई जिक्र नहीं है। कांग्रेस ने चुनाव के समय किसानों से कर्ज माफी की घोषणा की थी किन्तु जिन लोगों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लिया हुआ है उसके बारे में बजट में कोई राहत प्रदान नहीं की गई है। एक ओर प्रदेश के किसान कोरोना से परेशान है वहीं दूसरी ओर बैंकों द्वारा किसानों की जमीन की कुर्की करने के नोटिस दिए जा रहे है। यह किसानों के साथ अन्याय है।
सिंघवी ने कहा कि किसानों का कर्ज माफी और शिक्षित बेरोजगारों के बारे में चुनाव के समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से जो घोषणाएं करवाई गई थीं, वे कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं। बेरोजगारों द्वारा भत्ते के लिए किए आवेदन रोजगार कार्यालयों में लम्बित हैं। सरकार ने बेरोजगारों के साथ छल किया है और बेरोजगार भत्ता प्राप्त करने के लिए इंटरशिप का प्रावधान किया गया है।
सिंघवी ने कहा कि बजट में लोक लुभावन घोषणाएं तो सरकार ने कर दी किंतु पैसे के अभाव में इनका धरातल पर क्रियान्वय संभव नहीं है। पहले से चल रही योजनाएं ही पैसे के अभाव में शिथिल पड़ी हैं। फिर कैसे संभव है कि इन घोषणाओं का क्रियान्वय हो सकेगा। सरकार ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है, जो राजनीति से प्रभावित है।
