कस्तूरबा गाँधी जी की 78 बी पुण्य तिथि पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम मे दी भावपूर्ण श्रधांजलि
कस्तूरबा का पूरा जीवन संघर्ष एबम त्याग का रहा-जयसिंह जादौन
आर के आंकोदिया
श्योपुर प्रथम महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कस्तूरबा गांधी का जीवन अनुक्रर्णीय है उन्होने महिलाओ के सशक्तिकरण मे महत्वपूर्ण योगदान दिया है आजादी की लडाई मे उन्होने महात्मा गांधी जी का कन्धे से कन्धा मिलाकर साथ दिया तथा जैल की यातनाए भी भोगी, बापू कहा भी करते थे कि मै देश के लिये इतना कुछ कर पाया तो इसमे कस्तूरबा का भी भरपूर योगदान रहा है आज बा की पून्य तिथि पर हमे उनके सिद्वांतो पर चलने का संकल्प लेना चाहिये यहि उन्हे सच्ची श्रृघांन्जली होगी यह विचार बा की पून्य तिथि पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम में गांधी आश्रम प्रवन्धक जयसिंह जादौन ने व्यक्त किये
उन्होंने ने कहा कि कस्तूरबा का पूरा जीवन संघर्ष एबम त्याग का रहा बा व बापू एक दूसरे के पूरक थे। बा ने बापू के सिंद्वातो के लिये अपने जीवन को पूरी तरह बदल दिया दक्षिणी अफ्रिका मे कालो को अधिकार दिलाने तथा भारत मे स्वतंत्रता संग्राम की लडाई मे बा ने बापू के साथ कंधे से कधा मिलाकर संघर्ष किया तथा जैल जाकर यत्रणाएं भुगती पर वह कभी संघर्ष से पीछे नही हटी उन्होने महिला जागरण, स्वच्छता, बालिका शिक्षा के क्षेत्र मे भी भरपूर कार्य किया है।
महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रबंधक जयसिंह भाई ने श्रधांजली अर्पित करते हुए सर्व धर्म प्रर्थना कराई अन्त मे उनकी स्मृति मे 2 मिनिट का मोन रखकर सभीने पुष्पांजलि अर्पित की कार्यक्रम में आरती शर्मा, अशोक कुमार,रामकुमार चोहान, राजेश मीणा, सुमन लता श्रीवास्तव, हर्षवर्धन, परबेज खान,लक्ष्यवर्धन, दिनेश मीणा, प्रेमचंद, मनीष,संजय आदिवासी,सुलोचना बैरवा,प्रियता नगर,सरिता नागर, गायत्री सेन,कुसुम मथुरिया आदि गांधी आश्रम के कार्यकर्ता उपस्थित रहै।
