हेमदास झालावाड़ आवाज पत्रिका
*एक दूजे के हमसफर बने मात्र 17 मिनट में गुरु अमृतवाणी सुनकर*
राजसमंद जिले में दहेज मुक्त विवाह संपन्न न बैंड बाजे न डी.जे. , 17 मिनट में गुरवाणी से संपन्न होगई शादी | दोनों परिवारों की सहमति से दहेज मुक्त शादी हुई , समाज को नया संदेश , राजसमंद , 24 फरवरी न कोई बैंड - बाजे , न डी.जे. और किसी अन्य प्रकार का फिजूल खर्च नहीं हुआ सिर्फ 17 मिनट में गुरवाणी से शादी संपन्न हो गई । खास बात यह है कि किसी प्रकार का दहेज भी नहीं दिया । • जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अध्यात्मिक ज्ञान से परिचित होकर उनके अनुयायी इस तरह की शादियां करके समाज को दहेजमुक्त शादी करवाने का संदेश दे रहे हैं । ऐसी ही शादी को संतों की भाषा में रमैणी कहा जाता है । जिला सेवादार भेरू दास ने बताया कि आज समाज में दहेज रूपी राक्षस अपनी जड़ें बहुत ही मजबूती के साथ बढ़ा रहा है , जिसके उन्मूलन के लिए संत रामपाल जी महाराज अपना यथार्थ ज्ञान लोगों को समझाकर इस बुराई का समूल नाश करने के लिए दिन - रात प्रयत्न कर रहे हैं उन्होंने बताया कि दहेज रूपी दानव को रोकने के लिए सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए गए हैं । कानून के अनुसार दहेज लेना और दहेज देना अपराध माने गए हैं , लेकिन कानून व्यवस्था होने के बावजूद भी यह जड़ से खत्म नहीं हो पा रहा है । दहेज के कारण आए दिन लड़कियों की हत्या व लड़कियों को जिंदा जला दिए जाने की घटनाएं सामने आती हैं । कई लड़कियां प्रताड़ित होने पर खुद आत्महत्या कर लेती हैं , वहीं दूसरी ओर संत रामपाल महाराज जी के अनुयायी दहेज मुक्त शादी करके एक नए समाज का निर्माण कर रहे हैं । उन्होंने सभी से प्रार्थना की है कि शिक्षा का सही लाभ लेते हुए संत रामपाल महाराज जी के आध्यात्मिक ज्ञान शास्त्रानुसार ज्ञान को समझें व इस दहेज रूपी राक्षस का जड़ से खात्मा करने में अपना सहयोग दें , ताकि एक सभ्य समाज का निर्माण हो सके । क्या कहता है वधू पक्ष वर व वधू दोनों की इच्छा और दोनों परिवारों की सहमति से यह दहेज मुक्त शादी हो रही है । वधू भारती प्रजापत निवासी गांव दोवड तह व जिला राजसमंद से संबंध रखती है उनके पिता बाबू लाल प्रजापत ने बताया कि यह शादी भले ही समाज के लिए नई बात हो , लेकिन वह संत रामपाल जी महाराज के शिष्य हैं और उनके गुरु समाज से दहेज रूपी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने में प्रयासरत हैं । उन्हीं के दिशा - निर्देशों का पालन करते हुए वह अपनी बेटी की दहेज मुक्त शादी ( रमैणी ) की गई ये कहना है वर पक्ष का वर मुकेश प्रजापत गांव कुँवारिया तह व जिला राजसमंद से संबंध रखता है । उनके • पिता रोशन लाल प्रजापत ने बताया कि वह अपने बेटे की दहेज मुक्त शादी ( रमैणी ) अपने गुरु संत रामपाल जी की आजा का पालन करते हुए कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि शादी ( रमैणी ) बिल्कुल साधारण तरीके से और बिल्कुल दहेज मुक्त होगी । इसमें किसी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं किया जाएगा । शादी महज 17 मिनट की गुरवाणी से होगई । इस दौरान सिर्फ कुछ रिश्तेदार शामिल हुए । उन्होंने बताया कि समाज को भी ऐसी शादियों से प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि इस दहेज रूपी सामाजिक कुरीति का जड़ से नाश हो सके । उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के लाखों अनुयायी अपने गुरु जी की आज्ञा का पालन करते हुए दहेज मुक्त शादियां कर रहे हैं । अमीर गरीब का इसमें कोई सवाल ही नहीं है । चाहे अमीर हो या गरीब उनके गुरु जी के सभी • अनुयायी बिना किसी लेनदेन के शादियां कर साधारण जीवन जी रहे हैं ।
