विश्व महिला दिवस पर ग्रामींण महिलायें हुई एकजुट
जैन्डर आधारित सोच मे वदलाव लाने के लिए महिलाओं को आगे आने की आवश्यकता -पाराशर
आवाज पत्रिका आर के आंकोदिया
कराहल।विश्व महिला दिवस पर मध्यप्रदेश विज्ञान सभा द्वारा कराहल व्लाॅक के ग्राम मेहरबानी मे समुदाय की महिलाओं के साथ गाँव के बंगले पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे सेन्टर प्रभारी बीरेन्द्र कुमार पाराशर द्वारा वताया गया कि महिलाओं का पूरा जीवन हिंसा से घिरा हुये रहता है जिसमे घर मे सबसे ज्यादा काम महिला ही करती है उसके बाद भी महिला को ही दोषी ठहराया जाता है महिला घर की जिम्मेदारी के कारण अपना पूरा जीवन घर मे ही झोंक देती है। महिला को समाज मे रहने के लिए भी नियम पुरूषों द्वारा बनाये गए है उन नियमों पर महिला पूरे,जीवन पर अपना जीवन व्यतीत कर देती है कार्यक्रम मे भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान सभा से आये आशीष पारे द्वारा वताया गया कि महिलाओं का जीवन चक्र भी गर्भकाल से बृद्धावस्था तक का जीवन हिंसा से भरा रहता है महिलाओं को अपने जीवन मे अपने हक अधिकार के लिए अागे आकर संघर्ष करने की आवश्यकता है महिलाओं के बीच से मदर टेरेसा हुई जिन्होंने महिलाओं के हक अधिकार के लिए पूरा जीवन संघर्ष करते हुए समाज की सोच मे वदलाव लाने हेतु न्यौछावर कर दिया।हमें भी मदर टेरेसा वनकर समाज की सोच जो पुरूषों द्वारा बनाये गये नियम है उसमे वदलाव लाने हेतु पहल करनी की जरूरत है। शासन प्रशासन द्वारा भी महिलाओं को आगे लाने हेतु सभी स्तरों पर पहल की जा रही है। कार्यक्रम का संचालन समाजिक कार्यकर्ता गोपाल शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम मे गाॅव की महिलाओं ने बडचढ कर भागीदारी की गई जिसमे फूला आदिवासी, कला आदिवासी, दुलारी आदिवासी, फूलवती आदिवासी, रेखा आदिवासी, प्रीती आदिवासी, सपना आदिवासी आदि उपस्थित रहीं।
