महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं की 50% भागीदारी होना जरूरी। राजेश खोईवाल महिला सशक्तिकरण धरातल पर हो कार्य। मानव सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खोईवाल ने देश प्रदेश की महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिला दिवस के अवसर पर हम सभी सक्षम महिलाओं का सम्मान कर शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन हकीकत कुछ और है। आए दिन महिलाओं के साथ बलात्कार हत्या एवं छेड़छाड़ जैसे संगीन के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिला भी अपराधियों से सुरक्षित नहीं है। मध्यम व गरीब परिवार की महिलाएं घरेलू हिंसा का भी शिकार होती है। इसलिए सिर्फ महिला सशक्तिकरण की बात करने से महिला सशक्त नहीं हो सकती है। सरकार को ठोस कानून बनाकर धरातल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला कमांडो फोर्स की स्थापना करना चाहिए जिन का कार्य सिर्फ और सिर्फ महिलाओं की रक्षा करना ही हो। और महिला सशक्तिकरण के लिए हर क्षेत्र में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होना चाहिए। तभी जाकर हम सही मायने में महिलाओं की सुरक्षा कर सकते हैं और महिला सशक्तिकरण धरातल पर भी नजर आने लगेगा। सभी नेता और राजनीतिक दल महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की बात तो करते हैं लेकिन धरातल पर महिलाओं को सशक्त करने में नाकाम रहे हैं। प्रत्येक नारी का जीवन जन्म से ही संघर्षशील होता है। इसलिए महिलाओं को सम्मान जीवन जीने के लिए ठोस कानून बनाना अति आवश्यक है एवं हर क्षेत्र में 50% भागीदारी सुनिश्चित होना चाहिए।
