नाहरगढ़ में सट्टे से युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद ।

नाहरगढ़। नाहरगढ़ कस्बे में सट्टे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है ऐसे में सट्टा चलने से बुद्धिजीवी वर्ग एवं मुख्यधारा के लोगों में पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी है।नाहरगढ़ के गुना मार्ग पर मध्य प्रदेश सीमा पर झीरी टापरे से पहले सट्टे का अवैध अड्डा बना हुआ है। यहां पर बल्ली खिलाकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम चल रहा है। मटका कारोबार से सट्टे की खाईवाल रोज लाखों की कमाई कर रहे हैं। सट्टा लगाने के लिए तो दोपहर 12:00 बजे से लोग जुटना शुरू हो जाते हैं तथा शाम होते-होते सट्टे का अवैध कारोबार चरम पर होता है सट्टा लगाने के लिए आसपास से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। सट्टा लगाने से ग्रामीण बुरी तरह बर्बाद हो रहे हैं। जबकि युवा पीढ़ी भी बेरोजगारी में सट्टा लगाने के लिए मजबूर है। उसके बावजूद सट्टे का अवैध कारोबार का सिलसिला खुलेआम चल रहा है। सट्टे के खाईवाल पुलिस के साथ गलबहियाँ करते हुए देखा जा सकता है। ऐसे में पुलिस की गरिमा तार तार हो रही है। जिससे पुलिस का ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास व अपराधियों में भय उल्टा हो गया है। नाहरगढ़ कस्बे में पुलिस और सट्टा खाईवालों की दोस्ती अपराधों को जन्म दे रही है। सट्टे की खाई वाली में लिप्त लोग अब कई तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारी भी सबकुछ जानकर अनजान बने हुए हैं। ऐसे में पुलिस और सट्टा माफियाओं के मिलीभगत साफ है। पूर्व विधायक ललित मीणा ने नाहरगढ़ में चल रहे अवैध सट्टे के कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग की है पूर्व विधायक मीणा का कहना है कि कांग्रेस की सरकार में अवैध गतिविधियां बढ़ गई हैं जिस पर अंकुश लगना बहुत जरूरी है। पुलिस को इनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए।
सट्टा माफिया ने बदला अड्डा
नाहरगढ़ में सट्टे का कारोबार पिछले 1 साल से गुना मार्ग पर वन विभाग के क्लोजर में चल रहा है। लेकिन अभी हुई शिकायतों के बाद खाईवालों ने सट्टा चलाने का अड्डा आगे बढ़ा दिया है। अब खाईवाल सट्टे का कारोबार झीरी टापरो के पुराने खण्डहरो के पास बने हनुमान जी के चबूतरे से आगे जंगल में चला रहे हैं। पुलिस को प्रत्येक अड्डे की जानकारी है। उसके बावजूद पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही।
राजनेताओं का है हाथ
सट्टे का अवैध काम करने वाले खाईवालों का अब तक कुछ नहीं बिगड़ा है। इनके खिलाफ अभी तक कोई विशेष कानूनी कार्यवाही नहीं हुई है। ऐसे में साफ जाहिर है की सट्टे की खाईवाली कर रहे लोगों पर राजनेताओं का हाथ है। लोग सब कुछ जानते हैं लेकिन पुलिस उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ऐसे में यह आम चर्चा का विषय है कि राजनेताओं, सट्टा खाईवाल और पुलिस की मिलीभगत से कस्बे में माहौल खराब है। जिससे आमजन में राजनेता और पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी है।
कोरोना काल में भी जुटी भीड़
पिछले दो ढाई साल में कोरोना ने जिस तरह से तांडव मचाया नाहरगढ़ में उसकी मुख्य बजे सट्टे का अवैध अड्डा भी रहा है। कोरोना में भी सट्टा के लिए लोगों की भीड़ जुटती रही। लेकिन पुलिस ने इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। सट्टे के लिए भीड़ का जुटने से कोरोना नाहरगढ़ में बहुत तेजी से फैला लेकिन पुलिस में अब तक इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की ऐसे में सट्टे के लिए भीड़ का जुटना भी कोरोना फैलने का मुख्य कारण रहा है।