(आगरा से रवि निगम की रिपोर्ट ) भारत में हम सभी को धार्मिक स्वतंत्रता मिली है किंतु इसकी आड़ में निजी एजेंडा चलाना निश्चित रूप से गलत है। यहां बात
बुरखा बैन करने की नहीं अपितु स्कूल और कॉलेज के ड्रेस कोड की है। यूँ तो हमारे देश के कई हिस्सों में घूँघट प्रथा भी है पर वहां पर भी लड़कियां ड्रेस कोड में ही पढ़ने जाती हैं। कृपया शिक्षण संस्थानों को धार्मिक राजनीति से दूर रखेंे।
