गोविंद के दरबार मे सेवा अमृत चरण
फिरोज़ खान
बारां। बारां के निकटवर्ती ग्राम सांकली में श्री गुरुदेव के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आज तीसरा दिन रहा।
लोगो का उत्साह देखते ही बन रहा है दूर दूर से भक्ति कथा का रस लेने श्रद्धालु पधार रहे है ।यह दूर दराज के क्षेत्रों से आये काफी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए है। जिनका रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था सांकली ग्राम के बच्चे, युवा, महिलाएं बुजुर्ग आदि सभी द्वारा की जा रही है । सभी तन मन धन से सेवा कार्य मे जूट हुए है। यह का माहौल मानो वृन्दावनमय सा हो गया है । क्षेत्र में हर तरफ इसी की कि चर्चा है। कथा का वाचन प्रतिदिन 12 से 3 बजे तक श्री गुरुदेव गेहूखेड़ी एम पी वालो के श्रीमुख से किया जा रहा है। आज तीसरे दिन श्री गुरुदेव द्वारा " अमृत की वर्षा हो रही है ,मेरे गोविंद के दरबार मे सेवा अमृत चरण अमृत,दर्शन अमृत सत्संग अमृत " भजन द्वारा लोगो को सिख दी गयी की "प्रभु में लीन हो जाना ही उच्च मार्ग की प्राप्ति का एकमात्र साधन है । " गुरुदेव ने बताया कि एक पिता अपनी पुत्री को लाकर भागवत कथा में बिठा देवे तो वो पुत्री संस्कारवान ,और सहनशील हो जाती है और यही उसके लिए सबसे बड़ा दहेज माना गया है। क्योंकि जो व्यक्ति सहन करना सीख गया तो उसका और परिवार का कल्याण हो जाता है.
आज के यजमान बंशीधर जी राठौर ,छीतरलाल जी मालव सांकली वाले रहे।
