अब जेल में भी तत्वज्ञान से होगा कैदियों में सुधार ज्ञान गंगा व जीने की राह पुस्तक को पढ़कर*

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 *अब जेल में भी तत्वज्ञान से होगा कैदियों में सुधार ज्ञान गंगा व जीने की राह पुस्तक को पढ़कर*





हेमदास झालावाड़ राजस्थान

गुना चाचौड़ा उप जेल मे आज जेल में कैदियों को तत्वज्ञान से परिचित कराते हुए अपराधों से बचने के लिए संत रामपाल जी महाराज के अनुयायिओं द्वारा जेल में बंद कैदियो को संत रामपाल जी महाराज का सत्संग दिखाया और उनके द्वारा लिखी पुस्तक जीने की राह व ज्ञान गंगा का वितरण की गई। मध्यप्रदेश के जिला गुना की चाचौड़ा उप जिला जेल में कैदियों को परमात्मा का मार्ग बता कर परमार्थ का कार्य किया गया कैदियों को संत रामपाल जी महाराज का सत्संग दिखाया सत्संग से प्रभावित होकर 4 कैदियों ने नाम दीक्षा भी ली है आजीवन मर्यादा में रहकर भक्ति करने की शपथ ली कभी अपराध ना करने की शपथ ली

गुना जिला सेवादार करण दास,राजाराम दास व मीडिया सेवादार झालावाड़ से हेमदास ने बताया कि आए दिन हो रहे अपराध चोरी डकैती रिश्वतखोरी मर्डर बलात्कार जैसे कई भयानक अपराध से बचने के लिए अनुयायीयों ने 25 से ज्यादा संत रामपाल जी महाराज द्वारा रचित पवित्र पुस्तक जो कि सभी धर्म ग्रंथों के पवित्र शास्त्रों के आधार पर प्रमाणित है पुस्तक ज्ञान गंगा एवं जीने की राह का कैदियों में वितरण किया। कैदियों ने पुस्तकों को प्राप्त कर बड़ी ही प्रसन्नता जाहिर की और पुस्तक का वितरण जेल प्रशासन के कर्मचारियों में भी किया गया एवं उप जिला जेलर ने भी इस अभूतपूर्व पुस्तक सेवा के लिए भक्तों का धन्यवाद किया।  

इस सेवा में करण दास,राजाराम दास,जगदीश दास, मुकेश दास, घसीटा दास, गणपत दास,लखन दास, अशोक दास, राधेश्याम दास आदि ने अपना योगदान देकर भूले को सच्ची राह दिखाने का प्रयत्न किया है।

पुस्तक में आध्यात्मिकता से ओतप्रोत अद्वितीय ज्ञान दिया गया है जो कि आज तक के किसी भी धर्मगुरु,पीठाधीश्वर, काजी, पोप, प्रवक्ता आदि ने यह निर्मल ज्ञान समाज को नहीं दिया अगर यह ज्ञान इस समाज को जो की शास्त्रों के आधार पर है इसे बताया गया होता तो आज देश की अदालतें और देश की तमाम जेलें भरी नहीं होती संत रामपाल जी महाराज एवं उनके शिष्यों सराहनीय एवं जनहित के कार्य व समाज कल्याण कार्य करने में कर्तव्यनिष्ट है एवं इनकी समाज कल्याण की प्रतिबद्धता को देखकर आज सभी को बेहद खुशी हो रही है ।

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