महिलाओं के इतिहास में परिवर्तन लाने वाली मां सावित्री बाई फुले( उपेंद्र सुमन) भारत की सर्वप्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले वह समाज सुधरिका सावित्री बाई का जन्म 1831 को महाराष्ट्र के सातारा जिले के नाय गांव में हुआ था उनके पिता का नाम खंडोजी नेवसे पाटिल था माता का नाम लक्ष्मी बाई सन 1840 में उनका विवाह महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ हुआ था महात्मा फुले जी ने उन्हें पढ़ना लिखना सिखाया उस उम्र में औरतों को पढ़ना लिखाना पाप माना जाता था 1 जनवरी 1848 को उन्होंने पहला बालिका विद्यालय पुणे में खोला था उस समय मां सावित्री बाई फुले कन्याओं को पढ़ाने जाती थी तब लोग उन पर पत्थर कीचड़ फेंकते थे ऐसी कठिन परिस्थितियो का सामना करते हुए उन्होंने अपना महिला शिक्षा का कार्य जारी रखा सावित्रीबाई फुले ने समाज में नई जागृति लाने के लिए काव्य फुलेर व बावन कशी सुबोध रत्नाकर जैसी काव्य पुस्तकें भी लिखी 10 मार्च 1997 को मां सावित्री बाई फुले का निधन हो गया महिलाओं के इतिहास में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली मां सावित्री बाई फुले प्रथम शिक्षिका ओर महान समाज सेविका माँ सावित्रीबाई बाई फुले का गुरुवार को इकलेरा फुले ब्रिगेड कार्यालय पर पुण्यतिथि पुष्पांजलि अर्पित करके राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड टीम अकलेरा ने मनाई इस अवसर पर कैलाश सुमन कोटा संभाग प्रभारी राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड ने माँ सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर प्रकाश डाला और समाज समाजिक एकता की बात बताई इसके बाद परमा नंद सुमन तहसील संरक्षक ,चौथमल सुमन अध्यापक शिक्षा सलाहकार ने माँ सावित्री बाई फुले के संघर्ष भरे जीवन के बारे में बताया जितेंद्र सुमन जिला उपाध्यक्ष लोकेश सुमन ने समाज की एकता पर जोर दिया इस अवसर पर मांगीलाल सुमन अकलेरा माली समाज मंदिर अध्यक्ष, पप्पू लाल सुमन अजय सुमम ,रितेश सुमन कोषाध्यक्ष, राकेश सुमन सचिव, अर्जुन सुमन ,भूपेंद्र सुमन युवराज सुमन ,जगदीश सुमन ,दिलीप सुमन फुले ब्रिगेड टीम के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे
महिलाओं के इतिहास में परिवर्तन लाने वाली मां सावित्री बाई फुले
March 11, 2022
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