*मानव जाति को दीमक की तरह खोखला कर रहा है दहेज रूपी दानव*
हेमदास झालावाड़ आवाज पत्रिका
इसीलिए समाज में दहेज मुक्त विवाह जरूरी है
सच होगा सबका सपना, दहेज मुक्त भारत होगा अपना
मानव समाज की पारंपरिक अवधारणा वह दहेज रूपी कुरीति को जड़ से मिटा कर समाज में नई ऊर्जा प्रदान करती हुई अनोखी शादी ने ग्राम वासियों को अचरज में डाल दिया कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज जी के धन्यवाद कृष्ण दास पुत्र खेमाराम दास निवासी गांव 4MSR तहसील अनुपगढ ने सामाजिक बंधनों के दरकिनार करते हुए प्रमिला दासी पुत्री चेतराम दास निवासी शेरगढ़ तहसील संगरिया ने शनिवार को कबीर भंवन हनुमानगढ़ में दहेज मुक्त शादी करके समाज में नई मिसाल पेश की है इस दौरान स्थानीय सेवादार सुभाष बारोटीया ने बताया कि इस सराहनीय कार्य को साकार होने में संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह का महत्वपूर्ण योगदान है जिससे दहेज रूपी बुराई का अंत सहज रूप में सहज रूप से इस प्रकार सादगी से की गई शादी से हो रहा मात्र 17 मिनट में संत गरीबदास जी महाराज की अमृतवाणी से हुए इस अनोखे विवाह में किसी भी प्रकार का कोई दहेज न तो लिया गया और नहीं दिया गया ना घोड़ी ना डीजे ना बैंड बाजा और ना ही हल्दी मेहंदी की रसम की गई समारोह में आए लोगों को मात्र चाय और बिस्कुट का नाश्ता दिया गया आयोजकों ने बताया कि आज समाज में फैले दहेज रूपी दानव को इसी तरह दहेज मुक्त विवाह करके समाप्त किया जा सकता है दोनों नव युगल वर वधु ने कहा कि हम संत रामपाल जी महाराज जी की शिक्षा पर चलकर समाज को अच्छा संदेश देना चाहते हैं जिससे समाज की युवा पीढ़ी जागरुक हो और फिजूलखर्ची से बचते हुए पैसे की कीमत को समझे अभी कोविड-19 का अभिभावक दौर चल रहा है तथा यह पैसा किसी जरूरतमंद के काम आ सके समारोह में सरकारी गाइडलाइन की पालना करते हुए महेश 10 से 15 लोग शामिल हुए
